Thursday, 31 July 2014

कोई मुस्कुरा देता है तो...

कोई मुस्कुरा देता है तो मैं हाथ बढ़ा देता हूँ
कोई हाथ बढ़ा देता है तो सीने से लगा लेता हूँ
कुसूर बस इतना है मेरे पागल दिल का
कोई धड़कन मिल जाती है तो सीने से लगा लेता हूँ...

हर चेहरे को देखकर अपने दिल को कुछ समझाता हूँ
उड़ती ज़ुल्फ़ो के पीछे आहों-आहों में रह जाता हूँ
एक इशारा-भर मिल जाए तो क्या बात है
सुध-बुध सारी गँवाकर ख्वाबों-ख्वाबों मे रह जाता हूँ...


हम तो दुनिया की खूबसूरती के कायल हैं
खुदा की बनाई सूरतों की अदायगी के घायल हैं
हम तो बस अपना दिल खोलकर रख देते हैं
दुनिया समझा करती है हम नये दौर के शायर हैं...

कोई नज़र मिला लेता है तो निगाहों में बसा लेता हूँ
कोई ख्वाब सजा देता है ज़िंदगी बना लेता हूँ
कुछ ऐसे ही चल रहा ज़िंदगी का सफ़र
राह मे कोई दिख जाए तो साथ बिठा लेता हूँ...

कोई मुस्कुरा देता है तो मैं हाथ बढ़ा देता हूँ
कोई हाथ बढ़ा देता है तो सीने से लगा लेता हूँ...
#MyInkMyPrints
#Poem
#apourv_pandey

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