झरने के भाँती या सूखे घड़े सा
नीर सा बढ़ता जैसे ढलती जवानी
शब्द मेरे बहता पानी |
गर्त में है बादल में भी
आँखों में बसते जैसे शाम रवानी
काले भी हैं रंगों में भी
मानो कोई प्रेम कहानी
शब्द मेरे बहता पानी |
कानों में घुलता है जैसे
सांझ से मिलती निशा दीवानी
सीने में चुभता है जैसे
रात में गोद में घाट नूरानी
शब्द मेरे बहता पानी |