नाम से पहले धर्म-जात
एक थाली है कैसा पाप ?
कुरीतियाँ हैं अंतर्मन में
परंपराओं का करते जाप
सरहद पर मुजरिम है क्या ?
क्यों दिल से पहले सोने पर नाप ?
जो दान पता था भीख थी वो
निज-चेतना को कैसा श्राप ?
अंधी नगरी मे सच का प्रकाश कैसे भरूँगा ?
घर-गलियारों मे विरोधी हुंकार कैसे भरूँगा ?
मैं आवाज़ कैसे भरूँगा ?
ये छोटी जात कौन है ?
वो दुश्मन देश कौन है ?
बेटी जन्मी तो क्या बदला ?
क्यूँ वंश सारा मौन है ?
लिबास से छल की रीति क्यूँ ?
सब दौलत के मुरीद क्यूँ ?
कोई सो गया है भूखे पेट
पत्थर पर दूध-धारा की रीति क्यूँ ?
विनाश की गर्त मे विचारों का उद्धार कैसे करूँगा ?
भ्रमित मनों , बेसहारों का उपचार कैसे करूँगा ?
मैं आवाज़ कैसे भरूँगा ?
मैं आवाज़ कैसे भरूँगा ?
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