Monday, 4 March 2019

पापा


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इस पात्र ने किरदारों को बाख़ूब है निभाया
लाख कर ली कोशिश मैंने मुझपर हाथ ना उठाया
वो करते गए काम कभी सुबह कभी शाम 
कितना कुछ माँगा मैंने कभी सवाल नहीं उठाया
क्या है उनके मन में ये बूझने में वक़्त लगता है
मेरे पापा में मेरा परिवार बसता है
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कम बोलते हैं ख़ुद को कम खोलते हैं
कुछ शौक़ हैं उनके भी ज़ाहिर है नहीं बोलते हैं
फ़िल्में देखकर रोने की आदत उनकी पुरानी है
प्यार करते हैं ज़रूर ज़ाहिर करने की मशक़्क़त पुरानी है
उनमें थोड़ी सी माँ थोड़ा बड़ा भाई बसता है
मेरे पापा में मेरा परिवार बसता है
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अभी कल की ही लगती है बात जब काँधे से उनके उतरा था
या स्कूटर पर आगे खड़े होकर हैंडल को उनकी जकड़ा था
जब चौराहे पर साइकल को चलाने साथ जाते थे
और लौटते वक़्त वो उड़ने वाले ग़ुब्बारे ले आते थे
कितना भी बढ़ जाए बीज पेड़ बनने को ही तरसता है
मेरे पापा में मेरा परिवार बसता है
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वो लड़ते हैं मेरी ख़ातिर मैं उनके ख़ातिर लड़ता हूँ
जो उड़ने का सपना उनका था मैं अपने पर अमल करता हूँ
वो रह-रहकर कॉल घुमाते हैं बस हाल पूछ रह जाते हैं
जब जेब से गिरते हैं सिक्के में दौड़कर उन तक भगता हूँ
उनकी मासूमियत में मुझको बीता सा बचपन दिखता है
मेरे पापा में मेरा परिवार बसता है
मेरे पापा में मेरा परिवार बसता है
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